गुवाहाटी
कोलकाता टेस्ट में शुभमन गिल की इंजरी से टीम को बड़ा झटका
साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट के दौरान भारतीय कप्तान शुभमन गिल को गंभीर नेक इंजरी हो गई थी. पहली पारी में कुछ गेंदें खेलने के बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा, जबकि दूसरी पारी में वे मैदान पर उतर ही नहीं पाए. उनकी अचानक अनुपस्थिति का भारतीय टीम पर बड़ा असर दिखा और आसान दिखने वाला 124 रनों का लक्ष्य भी टीम हासिल नहीं कर पाई. नतीजतन भारत को 30 रनों से हार झेलनी पड़ी.
इंजरी के बाद शुभमन को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें छुट्टी तो मिल गई है, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है. सूत्रों ने बताया कि अगले 24 घंटों में मेडिकल टीम अंतिम निर्णय लेगी. बीसीसीआई शुभमन के मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही अगले कदम तय किए जाएंगे. यह भी कहा गया कि अभी यह कहना मुश्किल है कि वे गुवाहाटी टेस्ट में खेलेंगे या नहीं. अगली स्कैन रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर साफ होगी. यदि जरूरत पड़ी तो उन्हें आराम दिया जाएगा.
गुवाहाटी टेस्ट में शुभमन की जगह कप्तानी करेंगे ऋषभ पंत?
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला 22 नवंबर से गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेला जाएगा. यदि शुभमन गिल फिट नहीं होते और टीम से बाहर रहते हैं, तो कप्तानी की जिम्मेदारी ऋषभ पंत संभालेंगे. कोलकाता टेस्ट में भी शुभमन की अनुपस्थिति में पंत ने स्टैंड-इन कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व किया था.
शुभमन की जगह कौन? साई सुदर्शन और पडिक्कल दौड़ में
अगर शुभमन उपलब्ध नहीं रहते, तो बड़ा सवाल यह है कि चौथे नंबर पर किसे मौका मिलेगा? चयन समिति के सामने दो प्रमुख विकल्प हैं—साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल. दोनों युवा बल्लेबाज हाल के समय में अच्छी फॉर्म में रहे हैं और चौथे नंबर की पोजीशन के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.
साई सुदर्शन ने अब तक 5 टेस्ट मैचों में 30.33 की औसत से 273 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं. वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 3 पारियों में 30 के औसत से 90 रन बनाए हैं और एक अर्धशतक उनके नाम है. दोनों के प्रदर्शन में ज्यादा अंतर नहीं है, इसलिए चयन टीम की रणनीति और विपक्षी गेंदबाजी को देखते हुए किया जाएगा.
स्पिन के खिलाफ प्रदर्शन बनेगा चयन का आधार
कोलकाता टेस्ट में ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर ने 8 विकेट लेकर मैच का नक्शा बदल दिया था. ऐसे में गुवाहाटी में भी दाएं हाथ के स्पिनर्स अहम भूमिका निभा सकते हैं. साई सुदर्शन दो बार राइट-आर्म स्पिनर रोस्टन चेज का शिकार बन चुके हैं, जबकि पडिक्कल एक बार शोएब बशीर द्वारा आउट किए गए हैं. आंकड़ों में बड़ा अंतर नहीं है, लेकिन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज सीरीज में साई सुदर्शन पर जताए गए भरोसे के कारण वे शुभमन की जगह लेने के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं.
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