बड़ी खबर: प्रदेश में 1.50 करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’* प्रज्ज्वलित सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से गूंजा सेवा, सुशासन और संकल्प का संदेश* रायपुर, 17 सितम्बर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आज छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया.

इस भव्य आयोजन में समाज के हर वर्ग ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई. महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में बाहर निकलकर दीप प्रज्वलन में हिस्सा लिया. जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम ने यह दर्शाया कि प्रधानमंत्री के सेवा कार्यों के प्रति जनता में कितना गहरा सम्मान है. अनेक स्थानों पर दीपों के माध्यम से आकर्षक आकृतियां बनाई गईं और विशेष संदेश उकेरे गए, जो न केवल देखने में मनोरम थे बल्कि राष्ट्र के प्रति सामूहिक संकल्प को भी दर्शा रहे थे.


प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित इन कार्यक्रमों ने एक उत्सव का रूप ले लिया था. मंदिरों, प्रमुख चौक-चौराहों, सार्वजनिक मैदानों और नदियों के घाटों पर हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए. दीपों की इस कतार ने पूरे छत्तीसगढ़ को एक सूत्र में पिरो दिया. स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों के सहयोग से सुनिश्चित किया गया कि यह आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो. दीपों की इस ज्योति ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और सेवा की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का काम किया है.

'आशीर्वाद के दीये' का यह कार्यक्रम 'सेवा संकल्प अभियान' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो 17 सितम्बर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने तक चलेगा. इस अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार और विभिन्न संगठन जनसेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े अनेक रचनात्मक कार्यों का संपादन करेंगे. अभियान का मुख्य उद्देश्य सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है. यह अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का एक आह्वान है.

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आए बदलावों की चर्चा की. लोगों का मानना है कि पिछले ढाई दशकों में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने भारत को विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाई है. 'आशीर्वाद के दीये' जलाकर प्रदेशवासियों ने न केवल अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं, बल्कि यह भी संकल्प लिया कि वे राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे. यह आयोजन एकता और अखंडता के भाव को और अधिक प्रगाढ़ करने वाला सिद्ध हुआ.


अंततः, छत्तीसगढ़ में 1.50 करोड़ से अधिक दीपों का प्रज्ज्वलन एक रिकॉर्ड के रूप में नहीं, बल्कि जनता के अटूट विश्वास और प्रेम के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है. सेवा और संकल्प के इस महाकुंभ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब नेतृत्व और जनता के बीच सीधा संवाद और विश्वास होता है, तो ऐसे अभूतपूर्व परिणाम सामने आते हैं. आने वाले एक महीने तक चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' के अन्य कार्यक्रमों से भी इसी प्रकार के उत्साह और जनभागीदारी की अपेक्षा की जा रही है, जो प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे.
No comments yet — be the first!