Guru Nanak Jayanti 2025: खालसा स्कूल में मना 556वां प्रकाश पर्व, गुरुचरण सिंह होरा और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने टेका मत्था
Amrit Bhoomi News Desk | | Raipur, Chhattisgarh
Guru Nanak Jayanti 2025 पर Raipur के Khalsa School में 556वां Prakash Parv धूमधाम से मनाया गया. Grand Group के चेयरमैन और Chhattisgarh Tennis Association के महासचिव Gurucharan Singh Hora तथा MP Brijmohan Agarwal ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की.
Raipur में गूंजे जयकारे, उमड़ा सिख समाज
राजधानी Raipur में “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से माहौल गूंज उठा. Khalsa School परिसर में सुबह से ही शबद-कीर्तन, अरदास और अटूट लंगर का क्रम जारी रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की. आयोजन में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, जी.एस. बॉम्बरा, तथा Gurdwara Committee के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित रहे.
Gurucharan Singh Hora का संदेश: कर्म और धर्म साथ-साथ
Gurucharan Singh Hora (Chairman, Grand Group; Secretary, Chhattisgarh Tennis Association) ने कहा कि Shri Guru Nanak Dev Ji ने विश्व को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान और सेवा का प्रकाश दिया. उन्होंने कर्म और धर्म को साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी—यही संदेश आज के समाज के लिए भी प्रासंगिक है. Hora जी ने सभी देश-विदेश में बसे लोगों को Guru Nanak Jayanti की बधाई दी और MP Brijmohan Agarwal के आगमन के लिए आभार व्यक्त किया.
MP Brijmohan Agarwal: समानता, सेवा और एकता का पर्व
सांसद Brijmohan Agarwal ने कहा कि Guru Nanak Dev Ji का जीवन समस्त मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत है. उन्होंने समानता, सेवा और एकता का संदेश दिया, जो आज भी सामाजिक समरसता की आधारशिला है. उन्होंने Sikh Community के ऐतिहासिक योगदान और सेवा-भाव की सराहना करते हुए सभी को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं दीं.
Prakash Parv का महत्व: एक ओंकार सतनाम
हर वर्ष Kartika Purnima के दिन मनाई जाने वाली Guru Nanak Jayanti सिख धर्म का सबसे पवित्र पर्व है. इसे Guru Nanak Dev Ji के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है—वे Ten Sikh Gurus में प्रथम और सिख पंथ के संस्थापक माने जाते हैं. उन्होंने Ek Onkar, Satnam का संदेश दिया और धर्म की सीमाओं से परे एक ईश्वर की अवधारणा पर बल दिया.
Nankana Sahib से जगत यात्रा तक
Guru Nanak Dev Ji का जन्म Talwandi (आज का Nankana Sahib, Pakistan) में हुआ. उन्होंने अपने जीवन में उदासियां (धर्मयात्राएं) कीं और सत्य, करुणा, समानता व सेवा का संदेश दिया. आज भी देशभर के Gurdwaras में Akhand Path, Kirtan Darbar और Langar के माध्यम से वही परंपरा जीवित है.
Event Highlights (Raipur Khalsa School)
- Shabad Kirtan & Ardas with large sangat turnout
- Atut Langar: thousands received prasadi
- Presence of Gurucharan Singh Hora and MP Brijmohan Agarwal
- Community participation by local leaders and Gurdwara Committee
FAQs: Guru Nanak Jayanti 2025 (Raipur)
Raipur में Guru Nanak Jayanti 2025 कहाँ मनाई गई?
खालसा स्कूल परिसर, Raipur में कीर्तन दरबार, अरदास और अटूट लंगर के साथ भव्य आयोजन हुआ.
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि कौन-कौन रहे?
Gurucharan Singh Hora (Grand Group, C.G. Tennis Association) और MP Brijmohan Agarwal ने मत्था टेका; स्थानीय नेता और Gurdwara Committee पदाधिकारी भी उपस्थित रहे.
Prakash Parv का धार्मिक महत्व क्या है?
यह Guru Nanak Dev Ji की जयंती का उत्सव है, जो समानता, सेवा और एक ईश्वर के संदेश पर केंद्रित है; यह Kartika Purnima को मनाया जाता है.
Tags: Guru Nanak Jayanti 2025, Gurucharan Singh Hora, Khalsa School Raipur, Prakash Parv, Brijmohan Agarwal, Sikh Community Chhattisgarh, Guru Nanak Dev Ji, Langar, Kirtan Darbar
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