सरस्वती शिशु मंदिर सरस्वती विहार में सप्तशक्ति संगम का भव्य आयोजन
रायपुर (छत्तीसगढ़): सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरस्वती विहार रायपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित “सप्तशक्ति संगम” का भव्य आयोजन सोमवार, 10 नवंबर 2025 को किया गया. इस अवसर पर विद्यालय परिसर में श्रद्धा, संस्कृति और राष्ट्रभावना का संगम देखने को मिला.
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं डॉ. मधुश्री साव (विद्या भारती - अखिल भारतीय मंत्री). विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं श्रीमती सुनीता पाण्डेय (विद्या भारती - अखिल भारतीय सह संयोजिका बालिका शिक्षा) और श्रीमती शताब्दी पाण्डेय (महिला कार्यकारिणी सदस्य एवं भाजपा प्रवक्ता). कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. कल्पना चौबे (सामाजिक कार्यकर्ता, राष्ट्र सेविका समिति) ने की. इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती उत्तरा वर्मा सहित लगभग 100 माताएँ और समस्त दीदियाँ उपस्थित थीं.
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, भारत माता एवं ओम के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ. स्वागत भाषण विद्यालय की शिक्षिकाओं — श्रीमती अमीना साहू, प्रणिता शर्मा, आशा राजपूत, संगीता वर्मा, ममता लाल, रुमा सिंह, सपना अग्रवाल एवं अनामिका कटकवार दीदी ने किया. कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमती शताब्दी पाण्डेय ने रखी.
इस दौरान डॉ. मधुश्री साव ने “कुटुंब प्रबोधन एवं पर्यावरण के सम्बन्ध में भारतीय दृष्टि” पर अपने विचार रखे और भारतीय संस्कृति में परिवार प्रणाली के महत्व को बताया. वहीं श्रीमती सुनीता पाण्डेय ने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि “भारतीय नारी ही संस्कृति, सेवा और संवेदना की सच्ची प्रतीक है. ”
कार्यक्रम में उन विशिष्ट माताओं का सम्मान किया गया, जो समाजसेवा, गौ-रक्षा, दिव्यांग सहायता और संयुक्त परिवार व्यवस्था के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. इन माताओं के पुत्र विद्यालय के पूर्व छात्र हैं, जो आज भी विद्यालय एवं समाज के प्रति निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं.
समापन सत्र में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती उत्तरा वर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का समापन “वंदे मातरम्” के गायन के साथ हुआ.
इस सफल आयोजन की प्रमुख श्रीमती ममता लाल दीदी एवं श्रीमती संगीता वर्मा दीदी थीं. कार्यक्रम ने नारी शक्ति, संस्कृति और राष्ट्रभावना को एक साथ जोड़ने का सशक्त संदेश दिया.
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