श्रीनगर / नवगाम: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले के नवगाम क्षेत्र में स्थित पुलिस स्टेशन पर हुए हालिया धमाके की जांच तेज हो गई है. केंद्र सरकार द्वारा गठित विशेष टीमें रविवार को blast स्थल पर पहुँचीं और घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए. यह टीमें रक्षा, गृह और फॉरेंसिक विशेषज्ञों से मिलकर बनी हैं, जिनका उद्देश्य विस्फोट की प्रकृति, इस्तेमाल सामग्री और हमले के पीछे की संभावित साजिश को समझना है.
अधिकारियों के अनुसार, जांच टीमों ने blast स्थान की विस्तृत मैपिंग की, भवन की संरचनात्मक क्षति का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्रों से मिट्टी, धातु के टुकड़े, तथा फ्यूज़िंग सामग्री जैसे सबूत जुटाए. टीमों ने यह भी परखा कि विस्फोट के लिए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) या किसी अन्य उच्च क्षमता वाले विस्फोटक का उपयोग किया गया था या नहीं.
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सेंटरल एजेंसियों की मौजूदगी से जांच में तेजी आएगी. शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि धमाका बेहद सटीक योजना के साथ किया गया था. हालांकि, अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियाँ इसे संगठित आतंकी गतिविधि से जोड़कर देख रही हैं.
आस-पास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी जांच टीमों ने हासिल की है और तकनीकी विशेषज्ञ सभी एंगल से फुटेज का परीक्षण कर रहे हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या धमाके से पहले या बाद में किसी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही नजर आई थी.
धमाके के बाद से नवगाम और इससे लगे इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और SOG की टीमें इलाके में तलाशी अभियान चला रही हैं. कई स्थानों पर नाके लगाए गए हैं और वाहनों व आम नागरिकों की जांच भी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके.
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है, हालांकि प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच एजेंसियों को अपना काम करने दें. क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि सुरक्षा को और मजबूत किया जाए तथा ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ.
अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती फोरेंसिक रिपोर्ट आने में कुछ दिन और लगेंगे, लेकिन उससे यह स्पष्ट होगा कि धमाका किस तकनीक और किस विस्फोटक से अंजाम दिया गया. रिपोर्ट आगे की जांच और दोषियों की पहचान में अहम भूमिका निभाएगी.
फिलहाल, केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस जांच को अत्यधिक संवेदनशील मानते हुए पूरी सतर्कता से आगे बढ़ रहा है, ताकि इस हमले के पीछे छुपे नेटवर्क का जल्द पर्दाफाश किया जा सके.
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