पश्चिम बंगाल में फर्जी और डुप्लीकेट वोटरों पर सख्ती: चुनाव आयोग अब AI तकनीक का करेगा उपयोग
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान फर्जी, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान करने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। आयोग अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की मदद से मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाने जा रहा है। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने बताया कि AI सिस्टम लाखों मतदाता तस्वीरों का विश्लेषण करेगा और चेहरों की समानता (facial recognition) के आधार पर उन प्रविष्टियों की पहचान करेगा, जिनमें एक ही व्यक्ति के कई बार पंजीकरण की संभावना हो।
AI आधारित पहचान प्रणाली के लागू होने से फर्जी फोटो, डुप्लीकेट प्रविष्टि और एक ही व्यक्ति के नाम कई स्थानों पर शामिल होने की समस्या का समाधान तेजी से होगा। कई मामलों में एक ही फोटो वाले कई नाम सामने आने के बाद आयोग ने इसे रोकने की तैयारी शुरू की है।
AI शामिल करने का फैसला क्यों?
चुनाव अधिकारी के अनुसार, हाल के महीनों में प्रवासी मजदूरों की तस्वीरों के गलत उपयोग और एक ही व्यक्ति के कई जगहों पर नाम जोड़ने की शिकायतें बढ़ गई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी दावा किया था कि एक ही फोटो का उपयोग कर कई-कई वोट डाले जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने AI तकनीक को शामिल करने का निर्णय लिया है।
BLO की जिम्मेदारी और सख्त
हालाँकि AI तकनीक सूची को अधिक सटीक बनाने में मदद करेगी, लेकिन बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की जिम्मेदारी कम नहीं होगी। BLO को घर-घर जाकर मतदाताओं की नई तस्वीरें लेनी होंगी।
इसके साथ ही, बूथ लेवल एजेंट (BLA) द्वारा फॉर्म भरकर जमा किए जाने के बाद BLO को व्यक्तिगत रूप से घर जाकर हस्ताक्षर और विवरण का सत्यापन करना अनिवार्य होगा। मतदाता से रिसीविंग लेना भी आवश्यक किया गया है।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि गणना और फॉर्म सत्यापन के बाद भी किसी बूथ पर फर्जी या मृत मतदाता पाया जाता है, तो संबंधित BLO को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आयोग ने BLO के लिए जवाबदेही के नए नियम लागू किए हैं।
SIR अभियान के दबाव में आत्महत्या का मामला
SIR अभियान के चलते कई राज्यों में BLO पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। केरल के कन्नूर जिले के पय्यान्नूर में BLO अनीश जॉर्ज ने भारी कार्यभार और तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केरल में चल रहे SIR अभियान को तत्काल रोकने की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि अधिकारी इस अभियान के भारी दबाव को मानसिक और शारीरिक रूप से संभाल नहीं पा रहे हैं, इसलिए प्रक्रिया को रोका जाना आवश्यक है।