Chhattisgarh

जसगीत गूंजे, मां काली का दरबार सजा,गरियाबंद में भक्ति की ऐसी रात, गांधी मैदान पड़ा छोटा,मां के अद्भुत रूप और पटपर झांकी ने बांधा ऐसा समां,हजारों की भीड़ ने कहा— — जानिए पूरा मामला

dipti-das 19 Sep 2026 1 min read
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बड़ी खबर: जसगीत गूंजे, मां काली का दरबार सजा,गरियाबंद में भक्ति की ऐसी रात, गांधी मैदान पड़ा छोटा,मां के अद्भुत रूप और पटपर झांकी ने बांधा ऐसा समां,हजारों की भीड़ ने कहा—ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा गरियाबंद।

मंच पर जैसे ही पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप के साथ जसगीतों की गूंज शुरू हुई, वहां मौजूद हर व्यक्ति मां की भक्ति में लीन हो गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मां काली का अद्भुत और रौद्र रूप रहा, जिसकी झांकी ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए। इसके साथ ही मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों और भारतीय पौराणिक प्रसंगों पर आधारित सजीव झांकियों ने समां बांध दिया। कलाकारों ने अपनी वेशभूषा और जीवंत अभिनय से ऐसा वातावरण निर्मित किया कि श्रद्धालुओं को साक्षात देवी-देवताओं की उपस्थिति का अनुभव होने लगा। झांकियों में धार्मिक कथाओं का चित्रण इतनी बारीकी से किया गया था कि मैदान में उपस्थित जनसमूह घंटों तक अपनी जगह से टस से मस नहीं हुआ और लगातार माता के जयकारे लगाता रहा।

आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम शुरू होने के घंटों पहले ही गांधी मैदान के चारों ओर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। गरियाबंद जिले के कोने-कोने से लोग इस विशेष प्रस्तुति को देखने पहुंचे थे। भीड़ में बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी समान उत्साह के साथ शामिल हुए। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन श्रद्धालुओं के अनुशासन और अटूट श्रद्धा ने कार्यक्रम को निर्बाध रूप से संपन्न करने में मदद की। कई लोग इस अद्भुत नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते देखे गए, जिससे आयोजन की गूंज मैदान से निकलकर डिजिटल दुनिया तक जा पहुंची।

सोशल मीडिया पर भी गरियाबंद की इस ‘पटपर झांकी’ का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। आयोजन से पहले ही फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर झांकी से जुड़े वीडियो और रील वायरल हो रहे थे, जिसने लोगों के बीच उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया था। कार्यक्रम के दौरान और उसके बाद भी गांधी मैदान से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होते रहे। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि गरियाबंद में पहली बार किसी धार्मिक मंच पर इस स्तर की भव्यता और कलात्मकता का प्रदर्शन हुआ है। श्रद्धालुओं ने मुक्त कंठ से आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा भक्तिमय नजारा पहले कभी नहीं देखा था।

गोवर्धन पारा गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष और वार्ड नंबर 06 के पार्षद छगन यादव ने इस सफल आयोजन के बाद अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इस सफलता का पूरा श्रेय गरियाबंद की जनता और अपनी समर्पित टीम को दिया। छगन यादव ने कहा कि यह आयोजन केवल एक समिति का प्रयास नहीं था, बल्कि यह मां के प्रति लोगों की सामूहिक आस्था का परिणाम है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम पिछले दो महीनों से इस एक रात को यादगार बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही थी। समिति के हर सदस्य ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया, जिसके कारण हजारों की भीड़ के बावजूद कार्यक्रम सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सका। यह आयोजन उनकी टीम की एकता और सेवा भावना का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है।

अपने संबोधन के अंत में छगन यादव ने पुलिस प्रशासन और नगर पालिका के सहयोग के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों ने बहुत ही संजीदगी से पूरा किया। उन्होंने गरियाबंद के नागरिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जनता के सहयोग के बिना इतना बड़ा आयोजन संभव नहीं था। यह धार्मिक आयोजन न केवल आस्था का केंद्र बना, बल्कि इसने छत्तीसगढ़ी संस्कृति और जसगीत की परंपरा को भी नई पीढ़ी के बीच मजबूती से स्थापित किया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम ने गरियाबंद को भक्ति और भाईचारे के एक सूत्र में पिरो दिया।