Chhattisgarh

Dharti Aba Tribal Village Upliftment Campaign Chhattisgarh

rana 25 Oct 2025 1 min read
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रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में समग्र विकास को गति देने के लिए “धरती आबा – जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” की शुरुआत की है। यह महत्वाकांक्षी अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, कृषि, स्वच्छता, डिजिटल सशक्तिकरण और संस्कृति संरक्षण जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार लाने का लक्ष्य रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “धरती आबा अभियान” का उद्देश्य केवल भौतिक विकास नहीं, बल्कि जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर, सशक्त और सांस्कृतिक रूप से गौरवान्वित बनाना है। यह पहल छत्तीसगढ़ की आत्मा – उसके गांवों और जनजातीय समुदायों – को केंद्र में रखकर बनाई गई है।


🔸 अभियान की प्रमुख विशेषताएँ

“धरती आबा” अभियान के तहत कई आयामों में कार्य किया जाएगा ताकि हर ग्राम को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

  1. स्वास्थ्य और पोषण सुधार
    • प्रत्येक ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र को आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ से सुसज्जित किया जाएगा।
    • गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के लिए पोषण एवं स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होंगे।
    • मोबाइल हेल्थ वैन और जन-जागरूकता शिविरों के माध्यम से दूरस्थ इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचेंगी।
  2. शिक्षा और कौशल विकास
    • ग्रामीण विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड और टैबलेट जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
    • जनजातीय युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और स्थानीय उद्योगों से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।
    • लड़कियों की शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
  3. साफ-सफाई और जल संरक्षण
    • ग्राम स्तर पर स्वच्छता अभियान और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को सशक्त किया जाएगा।
    • वर्षा जल संचयन, कुएं-पोखरों के पुनर्जीवन और पेयजल योजनाओं से जल संकट का समाधान होगा।
  4. कृषि और आर्थिक सशक्तिकरण
    • किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक उपकरण और बाजार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
    • महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को स्वरोजगार के अवसर और हैंडमेड उत्पादों की ब्रांडिंग में सहयोग दिया जाएगा।
    • कृषि आधारित लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उत्पादों को ई-मार्केट से जोड़ा जाएगा।

🔸 तकनीकी और डिजिटल पहल

इस अभियान में पारदर्शिता और परिणाम मापन सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है।

  • गांवों की प्रगति और योजनाओं का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा।
  • हर विभाग से साप्ताहिक रिपोर्ट लेकर रीयल-टाइम मूल्यांकन किया जाएगा।
  • डिजिटल ऐप के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।

🔸 जनजातीय संस्कृति और पहचान का संरक्षण

“धरती आबा” अभियान में जनजातीय परंपराओं, कला और संस्कृति के संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास के साथ-साथ जनजातीय पहचान को भी सुरक्षित रखा जाए।

  • स्थानीय कलाकारों को हस्तशिल्प और पारंपरिक नृत्य-गीत में प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन मिलेगा।
  • ग्रामीण स्तर पर संस्कृति उत्सव और प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी।
  • स्कूलों में स्थानीय इतिहास और जनजातीय नायकों पर आधारित पाठ्यक्रम जोड़ा जाएगा।

“धरती आबा अभियान का उद्देश्य है कि हर जनजातीय गांव विकास की राह पर आत्मगौरव और परंपरा को साथ लेकर आगे बढ़े।”


🔸 जनता की भागीदारी और पारदर्शिता

इस अभियान की सफलता के लिए जनता की भागीदारी को अहम स्थान दिया गया है।

  • हर गांव में ग्राम विकास समिति गठित की जाएगी जो योजना क्रियान्वयन में सहयोग देगी।
  • निर्णय प्रक्रिया में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • फीडबैक सिस्टम के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद होगा।

🔸 चुनौतियाँ और समाधान

राज्य के दूरस्थ जनजातीय इलाकों में भौगोलिक कठिनाइयाँ, सीमित संसाधन और शिक्षा की कमी अभी भी प्रमुख बाधाएँ हैं। सरकार ने इनके समाधान के लिए ठोस रणनीति अपनाई है।

  • हर ब्लॉक में मोबाइल हेल्थ और एजुकेशन यूनिट तैनात की जाएगी।
  • कठिन इलाकों में सौर ऊर्जा और वर्षा जल प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • स्थानीय युवाओं को योजना कार्यों में रोजगार देकर ग्रामीण नेतृत्व को मजबूत किया जाएगा।

🔸 राज्य सरकार का दृष्टिकोण और लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि “धरती आबा अभियान” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार का जनसंकल्प है — हर जनजातीय गांव को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना। अगले तीन वर्षों में सरकार का लक्ष्य है:

  1. हर गांव में 100% स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना।
  2. सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण प्रदान करना।
  3. ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार अवसर सृजित करना।

🔸 निष्कर्ष

“धरती आबा – जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल का नया अध्याय है। यह न केवल बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान, संस्कृति और आत्मनिर्भरता को भी नया आयाम देगा। यदि यह अभियान सफल होता है, तो यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है।