आदिवासी समाज के शहीदों का देश निर्माण में अविस्मरणीय योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
राजाराव पठार, कर्रेझर (बालोद), 10 दिसंबर 2025 — छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत के निर्माण और समाज के नव स्वरूप को गढ़ने में आदिवासी समाज के शहीदों और महान महापुरुषों का योगदान अतुलनीय है। गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में आयोजित विराट वीर मेला महोत्सव में शामिल होकर उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब-जब राष्ट्र संकट में पड़ा है, आदिवासी समाज ने साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए विपत्तियों का डटकर सामना किया है। उन्होंने इस परंपरा को भारत की सांस्कृतिक रीढ़ बताया।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएँ: तालाब निर्माण के लिए 15 लाख, मेला सहायता राशि दोगुनी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान ग्राम कर्रेझर और आसपास के क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण विकास घोषणाएँ कीं:
- मेला स्थल के निकट तालाब निर्माण के लिए 15 लाख रुपये
- आदिम जाति कल्याण विभाग की मेला सहायता राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये
- राजाराव पठार स्थित देवस्थल में किचन शेड निर्माण की स्वीकृति
- कुल 71.93 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण
ये घोषणाएँ क्षेत्र के ट्राइबल डेवलपमेंट, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय सुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
कार्यक्रम में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की विशेष मौजूदगी
विराट वीर मेला के समापन अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने की। कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए:
- आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम
- वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप
- राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा
- कांकेर विधायक आशाराम नेताम
सभी नेताओं ने आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपरा को देश की अनमोल धरोहर बताया।
प्रधानमंत्री मोदी और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने भाषण में कहा कि आदिवासी समाज को सम्मान दिलाने और उनकी पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, और गैंदसिंह नायक को भारत की स्वतंत्रता और सामाजिक चेतना का प्रतीक बताया।
नक्सलवाद उन्मूलन पर सरकार की प्रतिबद्धता
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने राज्य और केंद्र सरकार द्वारा नक्सलवाद खत्म करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में नक्सलवाद के वर्षों पुराने दर्द से मुक्ति मिल रही है, और शिक्षा, स्वास्थ्य, वनाधिकार तथा बुनियादी विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
आदिवासी संस्कृति का भव्य प्रदर्शन
महोत्सव में आदिवासी समाज के कलाकारों ने रेला, मांदर, हुलकी जैसी लोक विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की आदिवासी विरासत और सांस्कृतिक गहराई से रूबरू कराया।
दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन
मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी साहित्य और संस्कृति को समर्पित दो पुस्तकों का विमोचन किया:
- ‘आदिशक्ति माँ अंगारमोती’ – लेखिका हेमवती ठाकुर
- ‘घोटुल पुंदाना’ – लेखक मरई राधेश्याम बस्तरिया
इन पुस्तकों को आदिवासी इतिहास, देवी परंपराओं और घोटुल संस्कृति के महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है।
निष्कर्ष
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आदिवासी समाज की संस्कृति, इतिहास, वीरता और बलिदान भारत की आत्मा और भविष्य के निर्माण का मूल आधार हैं। मुख्यमंत्री साय की घोषणाएँ और आदिवासी समाज के प्रति उनके सम्मान ने यह स्पष्ट किया कि सरकार ट्राइबल वेलफेयर, सांस्कृतिक संरक्षण और ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।